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Sunday, June 20, 2021
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अमृतसर में तेजी से बढता टुरिज्म उद्योग

अमृतसर
हाल के कुछ वर्षों से जिस तरह से पर्यटन उद्योग का रूप धारण करता जा रहा है उससे पंजाब
भी अछूता नहीं रहा है। विविधाताओं व अभूतपूर्व सांस्कृतिक विरासत की थाती को सहेजे पंजाब मेंटूरिज्म की असीम संभावनाएं हैं। इन्हीं संभावनाओं में घरेलु एवं विदेशी पर्यटों को आकर्षित करने व रोजगार श्रृजन की उम्मीद से प्रदेश सरकार ने पुरातात्विक महत्व की धरोहरों को पर्यटन के नक्शेपर लाने का प्रयास किया है।

अपने इन्हे प्रयासों के तहत सूबे के होशियारपुर, फतेहगढ. साहिब, बठिंडा, जालंधर व अमृतसर में कई ऐसी ऐतिहासिक विरासतों को सजाने व सवंारने का काम किया हैजिससे पर्यटकों को लुभाया जा सके। पर्यटन उद्योग को बढ.ावा देने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के सहयोग करोड.ो की लागत सेअमृतसर मेंबीआरटीएस योजना के तहत मेटरो बस सर्विस शुरू की वहीं टाउन हाल से जलियांवाला बाग व स्वर्णमंदिर तक की ऐरिया को वाल स्ट्री घोषित कर विरासती लुक दिया है।

पिछले साल इस वाल स्ट्री की मनोरम छटा पीएम नरेंद्रमोदी अफगानी राष्टरपति सहित अन्य
देशों के राजनयीक भी देख चुके हैं। हलां कि इस स्ट्रीट को बनवाने व बनवाने बाद विपक्षी दलों सहित उस क्षेत्र के व्यापारियोंके विरोध का सामना करना पड.ा,। व्हीकल फ्री जोन होने के कारण जिला प्रशासन को अब भी व्यापारियोंसहित विपक्षी दलों के विरोध का सामना करना पड1 रहा है।

यहां तक कि इस क्षेत्र में प्रशासन द्वारा लगाए गए इलेक्टरानिक वेरेकेटिंग को हटवाने के लिए टाउनहाल इलाके के व्यापारियों ने पंजा एंड हरियाणा हाइकोट में रिट तक दाखिल कर दि थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया! यह तो रही राजनीति की बात, लेकिन इस क्षेत्र में 20वीं सदी में दिखाई गई 18वीं सदी की झांकी पर्यटकों को खूब लुभा रही है।

इसका आंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि करीब दो साल पहले इस क्षेत्र में आने पर वाहनों के जहरीले धुएं के कारण जहां आंखों मे ंजलन होने के साथ ही लोगों का दम घुटने लगता था। ठेला व फड.ी वालों के अतिक्रमण केचलते सकंरी हुई सड.कों पर दौड.ते आॅटो रिक्शा व साइकिल रिक्शा की भीड. में धक्के खाते स्वर्णमंदिर व जलियांवाला बाग को देने के लिए आने वाले
पर्यटों को जेबें तक फट जाती थीं और सड.क अखाड.ा बन जाती थी,

लेकिन अब व्हीकल फ्री जोन हो के कारण पर्यटक यहांबैठ कर आइक्री खाने के साथ-साथ सेल्फी लेते दिखाई दे रहे हैं। सरकार के साथ कदम से कमद मिला कर चल रहे पंजाब टुरिज्म विभाग और भारतीय पुरात्व विभाग के प्रयासों से अमृतसर में दर्जनों टूरिस्ट प्लेस वजूद में आएं हैं। एक दशक पहले तक पर्यटक जहां दरबार सहिब, जलियावाला बाग व भारत-पाक अंतरराष्टीय सीमा पर नेशनल फ्लैग उतरने की रस्म देखने आते थे, लेकिन इन एक दशक के अंतराल में अमृतसर बहुत
बदल गया है। यहां पर्यटकों के लिए बहुत कुछ है।

जालंधर से अटारी बार्डर लगभग 150 किमी के दायरे में ऐसा बहुत कुछ है जिसे पर्यटक देखना चाहेंगे। इनमे7.39 करोड. की लाग से जीटी रोड पर बना अमृतसर गेट, 700 करोड से बना मेटरो बस प्रोजैक्ट, 1.41 करोड से बना टाउनहाल म्यूजियम, 77.84 करोड से बना स्वर्णमंदिर प्लाजा, 86 करोड से बना वार मेमोरियल शाम सिंह टारी व 4 करोड. की लाग से अटारी बार्डर पर पर्यटक स्वागत केंद्र निर्माण करवाया गया है।

इसके अलावा श्री रामतिर्थ मंदिर, हैरिटेज विलेज, रामबाग गार्डन, महाराजा रणजीत सिंह पैलेस, अर्बन हाॅट, किला गोबिंगढ व चालीस खूह सहित दर्जनों ऐसे टूरिस्ट बेस बनाए गए हैं जहां पर्यटक जाना चाहेंगे। प्रतिदिन आते हैं 50 हजार ेस अधिक पर्यटक: पर्यटन को बढावा देने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए इस कदम से हजारों हाथो को रोजगार मिला है; पंजाब टुरिज्म अधिकारी बलराज सिंह के अनुसार अमृतसर में आने वालेपर्यटकों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। उनके अनुसार प्रति दिन पचास हजार से अधिक पर्यटक अमृतसर घ्ाूमने आते हैं। कुछ प्रोजेक्टों पर काम चल रहा है। आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या और बढ.ेगी। पर्ययन एक उद्योग के रूप में तेजी से उभर रहा हैऔर इससे हर वर्ग के लोगों को रोजगार के अवसर मिल रहे है।

अमृतसर में तेजी से बढता टुरिज्म उद्योग

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